सृजनात्मकता का अर्थ

सृजनात्मकता क्या है साधारण शब्दों में सृजनात्मकता सृजन करना अथवा रचना संबंधी योग्यता इसे योगिता का संबंध केवल रचनाओं से माना जाता हैं अब यह मनोविज्ञान के क्षेत्र में बहुत ही व्यापक हो गया है सृजनात्मकता का संबंध कलाओं से नहीं बल्कि जीवन के सभी पहलुओं से संबंधित माना जा रहा है |
व्यापक रूप से इसका प्रयोग ज्ञान या सूचना के संपूर्ण क्षेत्र से संबंधित करके किया जाता है इस तथ्य का संबंध अन्वेषण आत्मक प्रवृत्ति के लोगों अन्वेषण आत्मक कार्यों का नवीन उत्पादन उसे है

क्रो और क्रो अनुसार - " सृजनात्मकता मौलिक परमाणु  को अभिव्यक्त करने की मानसिक प्रक्रिया है "
       

सृजनात्मकता के तत्व

  1. धारा प्रवाह
  2. विविधता 
  3. विस्तारण
  4. मौलिकता


 सृजनात्मकता के चरण

  1. आयोजन (तैयारी)
  2. उद्भ़वन (सुप्त अवस्था)
  3. उदभाषण (प्रकाशन)
  4. सत्यापन (मूल्यांकन)

सृजनात्मकता की विशेषताएं 

  1. सृजनात्मकता स्वाभाविक होती हैं।
  2. सृजनात्मकता खुले विचारों में आती हैं।
  3. सृजनात्मकता में  कुछ नया करने की प्रवृत्ति पाई जाती है
  4. सृजनात्मकता एवं बुद्धि धनात्मक का संबंध होता है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक बुद्धिमान व्यक्ति सृजन हो ।

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APA: Tripathi, S. (2022, March 4). सृजनात्मकता का एक सामान्य परिचय. सृजनात्मकता. https://creativitymgahv.blogspot.com/2022/03/blog-post_37.html

MLA (9th): Tripathi, Sadhana. “सृजनात्मकता का एक सामान्य परिचय.” सृजनात्मकता, 4 Mar. 2022, creativitymgahv.blogspot.com/2022/03/blog-post_37.html.
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